भोपाल। विधानसभा में विंध्य क्षेत्र के कई मुद्दे उठाए गए लेकिन सबसे ज्यादा चर्चित मामला सिंगरौली का रहा। विधायक रामनिवास शाह ने अपने क्षेत्र के मुद्दों को उठाने के साथ लंबित विकास कार्यों, आवासीय समस्याओं के साथ प्रशासनिक लापरवाही को भी सदन में रखा।
प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हितग्राहियों को लाभ न मिलने और विस्थापित परिवारों की समस्याओं का उल्लेख करते हुए विधायक ने बताया कि औद्योगिक गतिविधियों के कारण प्रभावित कई परिवार आज भी स्थायी आवास और मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। सदन में उन्होंने प्रशासन को भी कटघरे में खड़ा करते हुए विभागीय ढिलाई का आरोप लगाया।
दरअसल एनटीपीसी परियोजना के लिये भूमि अधिग्रहित की गई थी और कई गांव के लोग विस्थापित हुए थे। प्रभावित परिवारों को पुनर्वास स्वरूप प्लाट आवंटित किये गये थे। लेकिन 38 वर्ष बीत जाने के बाद भी लोगों का विधिवत नवीनीकरण नहीं किया गया और न ही स्थायी पट्टा दिया गया।
इस गंभीर विषय को विधायक ने विधानसभा में प्रमुखता से उठाते हुए सरकार का ध्यान अपने ओर खींचा। 38 वर्ष बीत गये पर किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। लंबे समय से प्रदेश में भाजपा की सरकार है और भाजपा के ही चुने हुए विधायक सदन में पहुंचते रहे हैं और अभी तक विस्थापित परिवारों की किसी ने सुध नहीं ली। सिंगरौली का प्रतिनिधित्व सरकार में भी रहा है और है भी, बावजूद इसके कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।