कोटा-कहा जाता है जीवन के किसी भी पल मे वैराग्य उपज सकता है संसार मे रहकर प्राणी संसार कॉ तज सकता है बिन कारण दीक्षा लेता कोई पूर्व जन्म का त्यागी उन्ही मे से एक ब्रह्मचारी उषा दीदी जिनको भोतिक सुखो की कोई आंकांक्षा नहीं संसार से विरक्ति का भाव एक पायदान और अग्रसर होती हुई युग की सर्वाधिक दीक्षा प्रदात्री त्रिलोक कल्याणी जगत पूज्या गणिनी आर्यिका विशुद्धमति माताजी के द्वारा 8 मार्च कॉ आर्यिका दीक्षा प्रदान की जायेगी
एक परिचय उषा दीदी का
आपका जन्म नाम कुमारी उषा रानी जैन
आपका जन्म टूंडला उत्तरप्रदेश जिला फ़िरोज़ाबाद मे हुआ
आपके पिता स्वर्गीय श्री सुरेन्द्र कुमार जैन
आपकी माता श्रीमति कैलाश कुमारी जैन
आपके एक भ्राता और एक बहिन है जो ग्रहस्थ अवस्था मे है
आपने शिक्षा 12 वी कक्षा तक प्राप्त की
उषा दीदी शुरू स धर्म से जुड़ी हुई थी और सांसरिक मोह माया उन्हे नहीं भाति थी उन्होने सन 1999 कॉ घर संसार का त्याग कर दिया और वर्ष 1999 कॉ धार्मिक अध्यन हेतु कमला बाई आश्रम श्री महावीर जी आ गयी जहा उन्होने सन 2007 तक धार्मिक अध्यन किया लेकिन उनका मन नहीं भरा और जनवरी 2007 गुरु माँ विशुद्धमति मति माताजी से देवली मे गुरु माँ की जन्म जयंती पर आजीवन बहमचर्य व्रत लिया
साधना संयम की और अग्रसर उषा दीदी अब कहा रुकने वाली थी नियम संयम कॉ और बलवती करती रही 2008 मे कोटा गुरु माँ के पिच्छि परिवर्तन पर दो प्रतिमा व्रत लिये दीदी पायदान पायदान चलती गयी और बडनगर वर्षायोग के समय पंचम प्रतिमा व्रत लिया
अब वह साधना का स्वर्णिम शिखर उषा दीदी का गुरु माँ की स्वर्णिम दीक्षा महोत्सव पर आ गया जब 8 मार्च कॉ गुरु माँ विशुद्धमति जी द्वारा उन्हे आर्यिका दीक्षा दी जायेगी
आप सभी इन पलो के साक्षी बने अनुमोदना करे
अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमंडी
एक परिचय उषा दीदी का
आपका जन्म नाम कुमारी उषा रानी जैन
आपका जन्म टूंडला उत्तरप्रदेश जिला फ़िरोज़ाबाद मे हुआ
आपके पिता स्वर्गीय श्री सुरेन्द्र कुमार जैन
आपकी माता श्रीमति कैलाश कुमारी जैन
आपके एक भ्राता और एक बहिन है जो ग्रहस्थ अवस्था मे है
आपने शिक्षा 12 वी कक्षा तक प्राप्त की
उषा दीदी शुरू स धर्म से जुड़ी हुई थी और सांसरिक मोह माया उन्हे नहीं भाति थी उन्होने सन 1999 कॉ घर संसार का त्याग कर दिया और वर्ष 1999 कॉ धार्मिक अध्यन हेतु कमला बाई आश्रम श्री महावीर जी आ गयी जहा उन्होने सन 2007 तक धार्मिक अध्यन किया लेकिन उनका मन नहीं भरा और जनवरी 2007 गुरु माँ विशुद्धमति मति माताजी से देवली मे गुरु माँ की जन्म जयंती पर आजीवन बहमचर्य व्रत लिया
साधना संयम की और अग्रसर उषा दीदी अब कहा रुकने वाली थी नियम संयम कॉ और बलवती करती रही 2008 मे कोटा गुरु माँ के पिच्छि परिवर्तन पर दो प्रतिमा व्रत लिये दीदी पायदान पायदान चलती गयी और बडनगर वर्षायोग के समय पंचम प्रतिमा व्रत लिया
अब वह साधना का स्वर्णिम शिखर उषा दीदी का गुरु माँ की स्वर्णिम दीक्षा महोत्सव पर आ गया जब 8 मार्च कॉ गुरु माँ विशुद्धमति जी द्वारा उन्हे आर्यिका दीक्षा दी जायेगी
आप सभी इन पलो के साक्षी बने अनुमोदना करे
अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमंडी
