शेर के मुंह में हिरण की गर्दन फंस जाए तो वह बच सकता है क्या, जन-जन की दुआओं से लौटा अभिनंदन: सुधासागरजी




अलोद-कस्बे के श्रीपार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर परिसर में शनिवार को आयोजित धर्मसभा में मुनि पुंगव सुधासागरजी महाराज ने कहा कि अभिनंदन वर्तमान सकुशल स्वदेश लौट आया है। ये भगवान की शांतिधारा का परिणाम है। लाखों लोगों ने उसके नाम की णमोकार मंत्र की मालाएं फेरी, जन-जन की दुआएं उसके साथ थी।
शेर के मुंह में हिरण की गर्दन फंस जाए तो वह बच सकता है क्या? क्योंकि दुश्मन के लिए कोई कानून नहीं है, लेकिन यह उसके पुण्य का परिणाम है। उन्होंने कहा कि सुबह उठकर भगवान के दर्शन किया करो। जैन दर्शन में भगवान के अभिषेक का बड़ा महत्व है। स्वयं के नहाने पर पानी गंदा हो जाता है, लेकिन भगवान पर पानी डालने के बाद वो गंधोदक बन जाता है। जिसे सब मस्तक पर लगाते हैं।
उन्होंने धर्मानुसार देवशास्त्र और गुरु को सच्चा हितैषी बताया। यह सदैव अच्छे की ओर प्रेरित करते हैं। परिणाम की चिंता किए बगैर अच्छे कार्यों की शुरुआत कर दो, जीवन क्षणभंगुर है। परिणाम और संकटों की परवाह किए बिना आज से ही नेक कार्य की शुरुआत कर देनी चाहिए। हमारा कल्याण तभी संभव है, जब मन में देवशास्त्र और गुरु की इच्छा पूरी करने का भाव आ जाए।
विश्व शांति महायज्ञ-मंदिर में शांतिधारा और अभिषेक किया
अलोद में चल रहे वेदी प्रतिष्ठा और विश्वशांति महायज्ञ के दूसरे दिन सुबह 8 बजे श्रीजी का अभिषेक कर श्रीशांतिनाथ भगवान की शांतिधारा की गई। इसके बाद भगवान की पूजा-अर्चना की गई। मुनि सुधासागर महाराज के प्रवचन के तत्पश्चात आहार चर्या में हुजूम उमड़ पड़ा। दोपहर में याग मंडल विधान की मंत्रोचारण के साथ अर्चना की गई। शाम को गुरुभक्ति मंगल आरती, जिज्ञासा समाधान कार्यक्रम हुए।

अाज निकलेगी श्रीजी की शोभायात्रा
प्रवक्ता प्रमोद सावला ने बताया कि रविवार सुबह नवप्रतिष्ठित भगवान की शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा पार्श्वनाथ जैन मंदिर परिसर से शुरू होगी, जो पुलिया पर कार्यक्रमस्थल पर पहुंचेगी। नवनिर्मित जैन मंदिर में नवीन वेदियों की स्थापना-कलश-ध्वजारोहण किया जाएगा।
       संकलन अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.