मुनि संघ के पदार्पण से धन्य हुआ गुलगांव अगवानी के लिए उमड़े सर्वसमाज के लोग



गुलगांव -गुलगांव स्थित विश्वप्रसिद्ध जैनतीर्थ गुणोदय में गुरुवार को मुनि पुंगव सुधासागर जी महाराज ससंघ  का मंगल प्रवेश हुआ तो उनकी अगवानी के लिए सर्वसमाज भक्त  उमड़ पड़े। मुनिश्री गुणोदय तीर्थक्षेत्र में भगवान आदिनाथ जयंती महोत्सव के लिए पधारे हैं।
मुनिश्री ससंघ सुबह करीब आठ बजे सांवर से गुलगांव गुणोदय तीर्थ पहुंचे ताे यहां उनकी अगवानी के लिए भव्य वातावरण सुसज्जित नजर आया। केकड़ी की महिला बैंड ने स्वर लहरियाें के बीच महाराजश्री के आगमन पर उल्लास प्रकट किया। सुधासागर जी महाराज का गुणोदय तीर्थ क्षेत्र पर बड़े धूमधाम से गाजे बाजे और ढोल ढमाके के साथ मंगल प्रवेश हुआ। गांव में जगह-जगह तोरण द्वार लगाकर पाद प्रक्षालन कर सर्व समाज के लोगों ने गुरुदेव का स्वागत किया। लगभग एक किलोमीटर लंबा जुलूस यहां नजर आया बालक बालिकाएं वह महिलाएं सफेद व केसरिया ध्वज पताका हाथ में लेकर अगुवाई की। गुणोदय तीर्थक्षेत्र पहुंचने पर भव्य स्वागत हुआ।
आज होगा महामस्तकाभिषेक
प्रवक्ता धनेश जैन ने बताया कि गुलगांव गुणोदय तीर्थक्षेत्र में आयाेजित महानुष्ठान के अंतर्गत मुनिश्री सुधासागर जी  महाराज के मुखारविंद से 108 कलश से रिद्धि-सिद्धि मंत्रों के साथ शुक्रवार काे महामस्तकाभिषेक एवं शांति द्वारा की जाएगी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा होंगे। अति विशिष्ट अतिथि ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह शक्तावत और डिप्टी पुलिस राजेश वर्मा होंगे।
केकड़ी का साैभाग्य इन दिनाें इसी क्षेत्र में रहेंगे महाराजश्री
मुनि श्री  सुधासागर जी महाराज  केकड़ी क्षेत्र में ही प्रवास पर हैं और 15 से 20 अप्रैल काे केकड़ी में आयाेजित हाेने वाले पंच कल्याणक महोत्सव में रहेंगे। इससे पूर्व गुणाेदय तीर्थ क्षेत्र में प्रवासरत रहेंगे। इस संबंध में प्रवक्ता धनेश जैन ने बताया कि केकड़ी में महाराजश्री बाेहरा काॅलाेनी पांडुशिला में पंच कल्याणक में सानिध्य प्रदान करेंगे।
तीर्थक्षेत्र में भव्य अनुष्ठान
गुणोदय तीर्थ आई मूर्ति का तिलकदान हुआ। श्रद्धालुओं ने बारी-बारी से श्रीफल चढ़ाया। उसके बाद वह मूर्ति प्रवेश कराई गई। मंदिर पहुंचने पर महाराजश्री सुधासागर जी महाराज  ने आदिनाथ भगवान की शांतिधारा करवाई। प्रवचन के दौरान मुनिश्री ने आदिनाथ भगवान की जयंती पूरे भारतवर्ष में हर्षोल्लास पूर्वक व सामूहिक रूप से मनाने पर जोर दिया। मुनिश्री ने बताया कि भूगर्भ से स्वत: प्रकट हुए आदिनाथ भगवान का यह राजस्थान में पहला अतिशय क्षेत्र है।
         संकलन अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी

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