णमोकार मंत्र के उच्चारण में जीवन का उद्धार है: विमल सागर जी




बनवार-मुनि श्री 108 विमल सागर जी  महाराज ने जैन धर्मशाला में प्रवचन में बताया जीवन में सबसे बड़ा मंत्र है वह णमोकार मंत्र है एक सहज प्राणी भी इस मंत्र को जाप कर अपने भव को सुधार सकता है।
मुनि श्री ने प्रवचन कहा कि आप लोग अपने मुख से जो मंत्र पढ़ते हैं उसका प्रभाव कुछ और पड़ता है और वही मंत्र मुनि पढ़ें इसका प्रभाव कुछ और रहता है, सांसारिक जीवन में मनुष्य अपनी गतिविधियां लगा रहता हैं लेकिन धर्म के प्रति आस्था से लगे तो उसका प्रभावभव भी सुधार सकता है। जबेरा से बिहार कर 108 विद्यासागर महाराज जी के परम शिष्य मुनि श्री 108 विमल सागर जी महाराज का ससंघ सोमवार सुबह नगर में भव्य आगवानी हुई। महाराज जी की आहार चर्या सिंग्रामपुर में हुई दोपहर में महाराज जी ने प्रवचन के बाद मंगल बिहार नगर मझौली की ओर हुआ। रात्रि विश्राम देव नगर गांव में होगा। मंगलवार सुबह की आहारचर्या मझौली में संपन्न होगी। बिहार में आसपास के नगर जबेरा कटंगी मझोली गुबरा सिहोरा आदि जगह से गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही। महाराज जी के सानिध्य में पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव कार्यक्रम सिहोरा के खितोला में संपन्न होने जा रहा है।
        संकलन अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी

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