कोटा -आर्यिका विभाश्री माताजी ने शुक्रवार को रिद्धि सिद्धि नगर स्थित जैन मंदिर में आयोजित धर्म सभा में कहा कि गुरुजनों के साथ बिताए हुए क्षणों को याद करें, वह क्षण आपके जीवन में स्फूर्ति लाने का काम करेगा। मति, स्मृति, संज्ञा, चिंता, अभिनिबोध ये पांचों ही मति ज्ञानावरण कर्म के क्षयोपशम से होते हैं। आत्मा के ज्ञान से आत्मा को जानने का पुरुषार्थ केवल ज्ञान उत्पन्न करने का तरीका है। वर्तमान जीवन में अच्छा करें,हो सकता है इस भव में फायदा नहीं हो,लेकिन जैन दर्शन कहता है कि अगले जीवन में उसका फायदा निश्चित होगा। परामर्शक राजवीर गंगवाल ने जानकारी दी कि आगामी 23 मार्च से सिद्धचक्र महामंडल विधान का आयोजन श्रीचंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में होगा।
संकलन अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमंडी
संकलन अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमंडी
