शीलोदय तीर्थक्षेत्र; श्रद्धालु एक बार में कर लेंगे सभी जैन तीर्थों का दर्शनखुदाई पर निकली खंडित प्रतिमाएं




सिलोर -18 साल तक आग्रह के बाद सिलोर में  सुधासागरजी महाराज का पदार्पण गांव की तस्वीर बदल देगा। जब से सुधासागरजी ने सिलोर को अखिल भारतीय दिगंबर जैन शीलोदय तीर्थ क्षेत्र बनाने की घोषणा की है, इसी पर चर्चा है।
प्राचीन अतिशय क्षेत्र की हालत से दुखी सुधासागरजी ने इसकी सूरत बदलने का मन बना लिया। जिले में केपाटन, इंद्रगढ़ के बाद सिलोर तीसरा अतिशय क्षेत्र होगा। 16 मार्च सुबह 8 बजे से सुधासागरजी के सानिध्य में नवमंदिर निर्माण का शिलान्यास होगा। निर्माण में हाड़ौती औैर देशभर की भागीदारी रहेगी। सिलोर ।
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। बहरहाल, शीलोदय क्षेत्र बनाने की घोषणा और मुनि श्री  से ग्रामीणों से मुलाकात के बाद उम्मीद बंधी है कि गांव की तकदीर बदल जाएगी।
यह खास..
.एक हजार साल पुराने हैं यहां जैन मंदिर
सिलोर अतिशय क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष टीकम जैन ने बताया कि बूंदी से भी पहले बसे सिलोर में 500 साल पहले हीरे-जवाहरात की मंडी लगती थी, देशभर के हीरा-जवाहरात कारोबारी यहां से व्यापार होता था, टकसाल भी थी। उस दौर में 800 जैन परिवार यहां थे। आदिनाथ-आदिश्वरगिरी जैन मंदिर एक हजार साल पुराने हैं, उनके पास खुदाई में 10 के करीब खंडित प्रतिमाएं मिली हैं, खुदाई में जैन मंदिरों के अवशेष मिल सकते हैं।
पिछड़ा गांव, महज 4 लोग सरकारी नौकरी में
सिलोर काफी पिछड़ा गांव है, 4500 की आबादी है। जैन समाज के 5-7 घर हैं। 15 दुकानें हैं, लोग खेती करते हैं, काफी मकान कच्चे हैं, महज चार लोग सरकारी नौकरी में हैं। पीएचसी व एक सीसै स्कूल है।
खुदाई पर निकली खंडित प्रतिमाएं
20 करोड़ के प्रोजेक्ट की खास बातें
शीलोदय तीर्थक्षेत्र का पूरा प्रोजेक्ट 5 साल में पूरा होगा।
इस पूरे प्रोजेक्ट पर 20 करोड़ से ज्यादा रुपए खर्च होंगे।
16 मार्च को नए मंदिर के शिलान्यास कार्य की शुरुआत।
8 बीघा में त्रिकाल चौबीसी, सीबीएई स्कूल, कॉलेज, गौशाला, धर्मशाला, पार्किंग, लॉन बनेंगे।
आदिनाथ भगवान की 20-25 फीट ऊंची पदमासन प्रतिमा, त्रिकाल चौबीसी में तीर्थंकरों की 72 प्रतिमाएं लगेंगी।
गांव में सड़कें बनेंगी, 40 फुट की सड़क का काम शुरू हो गया है, साफ-सफाई बेहतर होगी।
कोटा, चांदखेड़ी, झालावाड़, केपाटन, कैथूली, बिजौलिया, जहाजपुर, आंवा, सिलोर के जैन तीर्थस्थलों का सर्किट बन जाएगा, जहां देशभर के तीर्थ यात्री दर्शन के लिए आएंगे, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनेगी।
हजारों यात्री आएंगे तो नए रोजगार मिलेंगे, दुकानें, काम-धंधे खुलेंगे, बाजार विकसित होगा।
कई तरह के चैरिटी प्रोग्राम चलेंगे, इसका फायदा इलाके के लोगों को मिलेगा।
हम भी चाहते हैं सिलोर विकसित हो, देश में नाम हो : ग्रामीण
गांववालों का कहना है कि वे विवाद नहीं चाहते थे, पर जो भी काम हो, उन्हें भरोसे में लेकर किए जाएं। उनके घर नहीं उजाड़ेे जाएं। सिलोर सरपंच कुसुमलता कुशवाह, शिवराज कुशवाह सहित ग्रामीणों का कहना है कि शीलोदय क्षेत्र विकसित करे, इस पर ऐतराज नहीं पर वहां महादेव ताकाजी महाराज का चौक सलामत रहे और उसके नीचे की 8-10 बीघा जमीन छोड़ दी जाए। वहां साल में दो बार मेला भी भरता है। इस बारे में ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल मुनि श्री से  मिला। ग्रामीणों के मुताबिक पक्का पार्किंग भी हो सकेगी और मेला भी भरेगा। जैन समाज ने उन्हें आश्वस्त किया गया है कि सिलोर को चमन कर दिया जाएगा, धूल तक नजर नहीं आएगी।
      संकलन  अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमंडी

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