राजनीतिक हलचल-कांग्रेस जोड़ तोड़ कर विधानसभा चुनाव में सरकार बनाने में कामयाब तो हो गई लेकिन अब चुनौती लोकसभा चुनाव है और अब वो इसके लिए पूरी तरह से तैयार है । किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहती है और यही कारण है कि अब कांग्रेस भाजपा के नहले पर दहला चल रही है लेकिन ग्वालियर लोकसभा सीट पर इस बार तुरप का इक्का चलने का मन बना रही है ।
वर्तमान में ग्वालियर लोकसभा सीट पर भाजपा के नरेंद्र सिंह तोमर काबिज है और तोमर मोदी सरकार में कद्दावर मंत्री भी है लेकिन खुद के लोकसभा सीट पर विधानसभा चुनाव में शून्य लगवा बैठे यही कारण है कि उनके सीट बदलने के कयास लगाये जा रहे थे लेकिन खुद उन्होंने ही अब ग्वालियर से ही चुनाव लड़ने के संकेत दे दिए हैं ।
कांग्रेस यदि महारानी यानी प्रियदर्शिनी राजे सिंधिया को टिकिट देती है तो तोमर के लिए मुसीबत खड़ी हो जाएगी । तोमर और महारानी के बीच अशोक सिंह का राजनीतिक भविष्य बलि चढ़ाया जा रहा है । अशोक सिंह प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष हैं और बुरे से बुरे वक्त में कांग्रेस के साथ रहे हैं, पोहरी विधानसभा में यादव वोट बैंक को कांग्रेस के पक्ष में करके जीत दिलाने में अशोक सिंह की अहम भूमिका रही है । पूर्व में भी अशोक सिंह तोमर के खिलाफ बहुत ही कम मार्जिन से चुनाव हार गए थे लेकिन इस बार सारे समीकरण अशोक सिंह के पक्ष में है और ऐसे में कांग्रेस महारानी को आगे कर अशोक सिंह के राजनीतिक भविष्य को समाप्त कर रही है ।
वर्तमान में ग्वालियर लोकसभा सीट पर भाजपा के नरेंद्र सिंह तोमर काबिज है और तोमर मोदी सरकार में कद्दावर मंत्री भी है लेकिन खुद के लोकसभा सीट पर विधानसभा चुनाव में शून्य लगवा बैठे यही कारण है कि उनके सीट बदलने के कयास लगाये जा रहे थे लेकिन खुद उन्होंने ही अब ग्वालियर से ही चुनाव लड़ने के संकेत दे दिए हैं ।
कांग्रेस यदि महारानी यानी प्रियदर्शिनी राजे सिंधिया को टिकिट देती है तो तोमर के लिए मुसीबत खड़ी हो जाएगी । तोमर और महारानी के बीच अशोक सिंह का राजनीतिक भविष्य बलि चढ़ाया जा रहा है । अशोक सिंह प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष हैं और बुरे से बुरे वक्त में कांग्रेस के साथ रहे हैं, पोहरी विधानसभा में यादव वोट बैंक को कांग्रेस के पक्ष में करके जीत दिलाने में अशोक सिंह की अहम भूमिका रही है । पूर्व में भी अशोक सिंह तोमर के खिलाफ बहुत ही कम मार्जिन से चुनाव हार गए थे लेकिन इस बार सारे समीकरण अशोक सिंह के पक्ष में है और ऐसे में कांग्रेस महारानी को आगे कर अशोक सिंह के राजनीतिक भविष्य को समाप्त कर रही है ।
