नोगाव-अहिंसा संस्कार पदयात्रा के प्रणेता मुनि श्री प्रसन्न सागरजी महाराज ने नौगामा जैन मंदिर में भक्तो को संबोधित करते हुए कहा कि सुबह सुबह मेरी दो बातें जरूर ध्यान में रखना। एक तो चाय पीते समय कभी अखबार ना पढ़े और खाना खाते समय टीवी ना देखे। क्योंकि आप जब चाय पीते हो या खाना खाते हो तो उस समय अखबार व टीवी में जो हिंसा, लूट खसोट, बलात्कार, चोरी, खून खराबे की खबरें होती हैं, उसे भी आप पी जाते हैं। उन्होंने कहा कि मैं तो सिर्फ इतना कहता हूं कि अखबार पढ़ने का एक समय निश्चित कर उसके साथ तरुण सागरजी महाराज का साहित्य अवश्य पढ़ें। मुनिश्री ने कहा कि जिस घर में प्रेम व समर्पण व आपसी तालमेल हो,वह घर स्वर्ग होता है। वहीं जिस घर के सदस्यों में आपस में नफरत, घृणा हो वह घर नर्क के समान है। इससे पहले सुबह मुनि संघ के सान्निध्य में भगवान आदिनाथ, शांतिनाथ, नेमीनाथ की प्रतिमा का अभिषेक व शांतिधारा की गई। शाम को आनन्द यात्रा व महाआरती की गई।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी
