प्रियदर्शिनी की ना,अशोक सिंह को हरी झंडी




राजनीतिक हलचल-ग्वालियर लोकसभा सीट से तमाम अटकलों के बाद महारानी की ना को पार्टी ने स्वीकार कर लिया है । ग्वालियर कांग्रेस ने महारानी को ग्वालियर से चुनाव लड़ाए जाने की माँग कांग्रेस आलाकमान से की थी ,शुरुआती दौर से ही ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रियदर्शिनी राजे दोनों ही इस बात पर राजी नहीं हुए ।
अब सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार अब ग्वालियर लोकसभा सीट से पूर्व पराजित प्रत्याशी अशोक सिंह ही कांग्रेस उम्मीदवार होंगें । अशोक सिंह को लेकर इस बात जीत का दावा किया जा रहा है, ग्वालियर लोकसभा सीट पर एक सीट को छोड़कर सभी विधानसभा सीट कांग्रेस के खाते में है ऐसे में माहौल कांग्रेस के पक्ष में दिखाई दे रहा है ।
विदित हो कि सौम्य सरल स्वभाव के अशोक सिंह एक बार यशोधरा राजे सिंधिया और 2014 में केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर से बहुत ही कम अंतर से चुनाव हार चुके हैं । अशोक सिंह की यादव समुदाय के अलावा अन्य सभी जातियों के वोट बैंक पर जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ है । अशोक सिंह की राय पर ही पोहरी विधानसभा सहित अन्य विधानसभा सीटों पर यादव वोट बैंक कांग्रेस के खाते में पड़ा,अब ऐसे में बात ग्वालियर लोकसभा की करें तो पिछड़े वर्ग के साथ ही सभी जाति और वर्ग का वोट अशोक सिंह को मिलता है तो अशोक सिंह की जीत निश्चित है । विगत चुनाव में मोदी लहर के बावजूद अशोक सिंह ने भाजपा के कद्दावर नेता नरेन्द्र सिंह तोमर को कड़ी टक्कर दी थी और जीत का अंतर बहुत कम रहा ऐसा जब हुआ जब देश मे मोदी लहर थी और मध्यप्रदेश में कांग्रेस 29 में से केवल 2 सीट पर सिमट कर रह गई थी । अब सूबे में कांग्रेस की सरकार है और ग्वालियर लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाली आठ विधानसभा में से सात पर कांग्रेस के विधायक हैं और तीन विधायक कमलनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री है । ताजा समीकरणों के मुताबिक अशोक सिंह का टिकिट और जीत दोनों ही निश्चित दिखाई दे रही है ।

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