कुंडलपुर -बड़े बाबा के निमार्णाधीन मंदिर का काम तेजी से चल रहा है, मगर इससे पहले पूर्व और पश्चिम दिशा मे बनने वाले दो अन्य मंदिरों के गर्भ गृह पर रखने वाली डोम की चाबी पहले स्थापित करने की तैयारी कमेटी ने की है।
कमेटी यह आचार्यश्री विद्या सागर महाराज के सानिध्य में कराना चाहती है। जिसको लेकर निर्माण कमेटी मई में आचार्य श्रीको कुंडलपुर लानेको उत्साहित है। हालांकि अभी आचार्यश्री से संकेत मिलना बाकी है। यहां पर बता दें कि मुख्य मंदिर के दो अन्य मंदिरों के गर्भगृह पर स्थापित होने वाली यह चाबी 225 इंच लंबी और 225 इंच चौड़ी है। इसका वजन 4 से 5 टन बताया जा रहा है। यह चाबी दो मंदिरों के बीच के डोम में स्थापित की जाएगी।
समिति के मुताबिक यह काम आचार्यश्री विद्या सागर महाराज के सानिध्य में कराने का लक्ष्य बनाया गया है। जिसको लेकर मंदिरों का काम तेज कर दिया गया है। कारीगर चाबी को तैयार करने में लगे हुए हैं। गौरतलब है कुंडलपुर में बड़े बाबा का भव्य मंदिर बन रहा है। इसके साथ ही दो मंदिर जो पूर्व और पश्चिम दिशा में बन रहे हैं। इन दो मंदिरों के डोम को कंपलीट कराने के लिए मंदिर के पदाधिकारियों ने मई 2019 तक लक्ष्य रखा है।
इस बीच डोम की चाबी कंपलीट हो जाएगी और आचार्यश्री के सानिध्य में इसे स्थापित कराया जा सकता है। मुख्य मंदिर में बड़े बाबा आदिनाथ भगवान स्थापित हैं। मंदिर निर्माण कमेटी ने आचार्यश्री का चौमासा कुंडलपुर में कराने और उनके सानिध्य में बड़े बाबा आदिनाथ भगवान मंदिर के पूर्व और पश्चिम दिशा में बनने वाले नवीन मंदिरों के गर्भगृह की डोम की चॉबी रखवाने का लक्ष्य बनाया है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी
कमेटी यह आचार्यश्री विद्या सागर महाराज के सानिध्य में कराना चाहती है। जिसको लेकर निर्माण कमेटी मई में आचार्य श्रीको कुंडलपुर लानेको उत्साहित है। हालांकि अभी आचार्यश्री से संकेत मिलना बाकी है। यहां पर बता दें कि मुख्य मंदिर के दो अन्य मंदिरों के गर्भगृह पर स्थापित होने वाली यह चाबी 225 इंच लंबी और 225 इंच चौड़ी है। इसका वजन 4 से 5 टन बताया जा रहा है। यह चाबी दो मंदिरों के बीच के डोम में स्थापित की जाएगी।
समिति के मुताबिक यह काम आचार्यश्री विद्या सागर महाराज के सानिध्य में कराने का लक्ष्य बनाया गया है। जिसको लेकर मंदिरों का काम तेज कर दिया गया है। कारीगर चाबी को तैयार करने में लगे हुए हैं। गौरतलब है कुंडलपुर में बड़े बाबा का भव्य मंदिर बन रहा है। इसके साथ ही दो मंदिर जो पूर्व और पश्चिम दिशा में बन रहे हैं। इन दो मंदिरों के डोम को कंपलीट कराने के लिए मंदिर के पदाधिकारियों ने मई 2019 तक लक्ष्य रखा है।
इस बीच डोम की चाबी कंपलीट हो जाएगी और आचार्यश्री के सानिध्य में इसे स्थापित कराया जा सकता है। मुख्य मंदिर में बड़े बाबा आदिनाथ भगवान स्थापित हैं। मंदिर निर्माण कमेटी ने आचार्यश्री का चौमासा कुंडलपुर में कराने और उनके सानिध्य में बड़े बाबा आदिनाथ भगवान मंदिर के पूर्व और पश्चिम दिशा में बनने वाले नवीन मंदिरों के गर्भगृह की डोम की चॉबी रखवाने का लक्ष्य बनाया है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी
