श्रद्धा पूर्वक विनयांजलि


गौम्मटगिरी इंदौर के प्रेरणा स्त्रोत,विश्व धर्म का जयघोष करने वाले,अनेक भाषाओ के ज्ञानी ,सदी के महानतम आचार्य, सिद्धान्त चक्रवर्ती, श्रमण सँस्कृति के प्रवर्तक, 75 वर्ष से आत्म साधना में रत, प्रत्येक श्रावक के मन मस्तिष्क में रचे बसे रहने वाले, तप-त्याग-साधना की प्रतिमूर्ति, जैन धर्म की पताका फहराने वाले, श्वेत पिच्छीधारी वयोवृद्ध
         *108 श्री विद्यानन्दजी  महामुनिराज*
ने आज दिनाँक 22 सितम्बर 2019 रविवार,आसोज बदी अष्टमी को प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में 2 बजकर 40 मिनिट पर, यम संलेखना के साथ समता पूर्वक अनेको पिच्छी धारी तपस्वियो एवं हजारों श्रावकों की उपस्तिथि में इस नश्वर देह का त्याग किया।
       *राष्ट्रीय संवाद दाता पारस जैन "पार्श्वमणि " पत्रकार पाटनी परिवार कोटा*
*की और से श्रद्धा पूर्वक भावभीनी विनयांजलि के साथ*
*ऐसे महातपस्वी महामुनिराज को बारम्बार*
                      *शत शत नमन*
                               

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