सागर-मंदिरों में भीड़ नहीं होना चाहिए इसे कड़ाई से रोकना होगा। मंदिरों में एक साथ भीड़ के रूप में लोग दर्शन करने जा रहे हैं वह ठीक नहीं है। कोरोना वायरस का जो रोग है वह छूने से बढ़ रहा है इसलिए मंदिरों में अभिषेक शांतिधारा के समय जितना जल्दी हो सके करके लोग अपने घरों पर जाकर पूजन पाठ करें। घर को ही मंदिर मान लें, यह उचित होगा।
यह एक प्रकार का उपसर्ग है जो आ गया है इससे बचाव का एकमात्र रास्ता यह है कि हम सब अपने घरों में ही सीमित रह जाएं तो इस रोग से आसानी से बचा जा सकता है। यह बात मुनिश्री प्रमाण सागर जी महाराज ने सोमवार को भाग्योदय में लाइव प्रवचन के दाैरान कही। उन्होंने कहा कि दूसरे देशों में रोज सैकड़ों, हजारों लोगों की मौतें हो रही हैं अभी भारत में पहली दूसरी स्टेज की स्थिति है। यदि हम मंदिर में थोड़ा सा कड़क वातावरण बना दें इसमें किसी को बुरा लगे तो भी निश्चित रूप से इस रोग से बचा जा सकता है। यदि यह आफत अभी टल जाएगी तो ठीक है नहीं तो यह बीमारी बहुत भयावह होगी। उन्होंने कहा कि में कहीं। उन्होंने कहा यह वायरस कृत्रिम है या पैदा हुआ पूरा विश्व इससे दहल रहा है ऐसा वातावरण बनाना चाहिए जिससे इससे शीघ्र मुक्ति हो सके।
उन्होंने कहा जैन स्थापत्य कला का नमूना सम्मेद शिखरजी में देखने को मिलेगा यह निर्वाण भूमि है किसी को यहां मालूम नहीं है की यहां क्या क्या है इस पावन भूमि को तीर्थंकरों ने बनाया है जैन धर्म का मर्म बनाकर इसे वर्ष 2006 से गुरुदेव के आशीर्वाद से लाइट एंड साउंड के माध्यम से बनाने की शुरुआत हुई थी जो लोग इसको देखेंगे वह वाह कर बैठेंगे अगस्त 2017 से नई परिकल्पना के चलते कार्य शुरू हुआ है जो बहुत अद्भुत है यात्रा आत्मा से परमात्मा की मूवी है यह विश्व की इकलौती फिल्म होगी मिथ्या दृष्टि से सम्यक दृष्टि की जानकारी इसमें समाहित है केवल ज्ञान कैसे होता है से लेकर बाकी सारे कल्याणकों की जानकारी इसके माध्यम से दी गई है विश्व की उच्चतम तकनीक का इस्तेमाल इसके निर्माण में हो रहा है समोशरण के जीवंत का दर्शन 16 मिनट में देखा जा सकेगा जो भी गुनायतन से जुड़ा है उसने अपने भव को तार लिया है महाराजश्री ने कहा की सर्वतोभद्र जिनालय के निर्माण में पूरे सागर के सभी घरों से अपनी लक्ष्मी का उपयोग दान के रूप में करना चाहिए आचार्य भगवन ने आपको चतुर्मुखी जिनालय दिया है जो समय सीमा में पूरा हो ऐसी भावना हम सबकी होना चाहिए जिन लोगों ने दान राशि बोली है वह समय में सीमा में अपनी राशि मंदिर के निर्माण में पहुंचाएं ताकि निर्माण कार्य और तेज गति से हो सके।
गर्भवती स्त्रियां प्रवचन जरूर सुनें
मुनि श्री प्रमाण सागर जी महाराज ने कहा गर्भवती महिलाओं को सकारात्मकता से सोचना चाहिए भावनायोग रटा रटाया नहीं बल्कि भाव भंगिमा से करना चाहिए इससे नकारात्मकता खत्म होती है और पूरे संसार में सकारात्मकता आएगी पुराणों का अध्ययन करना चाहिए इसका बहुत प्रभाव होता है प्रवचन सुनना चाहिए और गर्भ संस्कार की विधि संपन्न कराना चाहिए गर्भवती स्त्रियों के लिए यह बहुत उपयोगी है।
ऑनलाइन सुन सकते हैं लोग
मुनिसेवा समिति के सदस्य मुकेश जैन ढाना ने बताया मुनि श्री प्रमाण सागर जी महाराज के प्रवचन वर्तमान में स्थगित हैं और उसके स्थान पर शांति जाप और भावनायोग का कार्यक्रम सुबह लाइव हो रहा है जबकि शाम को शंका समाधान ऑनलाइन प्रश्नों के माध्यम से हो रहा है स्थिति ठीक होने पर यह दोनों कार्यक्रम पुनः आम जनता के बीच में होंगे।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी
