राजनीतिक हलचल-मध्य प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार में जगह न पाने वाले वरिष्ठ बीजेपी विधायकों की नाराजगी अब सार्वजनिक तौर पर आने लगी है। पूर्व मंत्री और विधायक अजय विश्नोई ने सोशल मीडिया पर कटाक्ष करते हुए पोस्ट लिखी है। शिवराज सिंह ने केवल सिंधिया समर्थक दो विधायकों को ही मंत्री बनाया है, जबकि चार पद खाली होने के बावजूद भाजपा से किसी को नहीं लिया गया है।
मध्य प्रदेश भाजपा सबकुछ ठीक होने का कितना भी दावा कर ले लेकिन शिवराज मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर पार्टी विधायकों का दर्द बाहर आने लगा है. पाटन से सीनियर बीजेपी एमएलए अजय विश्नोई ने ट्वीट के जरिए अपना असंतोष जाहिर किया है. उन्होंने लिखा, '' 'महाकौशल' अब उड़ नहीं सकता फड़फड़ा सकता है!' मध्यप्रदेश में सरकार का पूर्ण विस्तार हो गया है. ग्वालियर, चंबल, भोपाल, मालवा क्षेत्र का हर दूसरा भाजपा विधायक मंत्री है. सागर, शहडोल संभाग का हर तीसरा भाजपा विधायक मंत्री है.''
उन्होंने अपने दूसरे ट्वीट में लिखा, ''महाकौशल के 13 भाजपा विधायकों में से एक को तथा रीवा संभाग में 18 भाजपा विधायकों में से एक को राज्य मंत्री बनने का सौभाग्य मिला है. महाकौशल और विंध्य अब फड़फड़ा सकते हैं उड़ नहीं सकते. महाकौशल और विंध्य को अब खुश रहना होगा. खुशामद करते रहना होगा.''
सूत्रों की मानें तो कई वरिष्ठ भाजपा विधायक शिवराज मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिलने से निराश और असंतुष्ट हैं. खासकर विंध्य और महाकौशल क्षेत्र के विधायक. अजय विश्नोई से पहले बीना विधायक महेश राय भी अपनी व्यथा व्यक्त कर चुके हैं. मंत्रिमंडल विस्तार पर उन्होंने इशारों-इशारों में निशाना साधते हुए कहा कि राजनीति पावर का गेम होता है. उन्होंने बीना में बायपास बनाने को लेकर नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह पर भी तंज कसा. महेश राय ने कहा, ''मेरे पड़ोस की विधानसभा में विकास हो रहे हैं, अगर मैं भी महत्वपूर्ण पद पर होता तो मेरी विधानसभा में भी विकास होता.''
पहले विस्तार के दौरान सीएम ने बुलाया था
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 2 जुलाई 2020 को कैबिनेट का पहला विस्तार किया था तब 28 विधायकों को मंत्री बनाया गया था। सूत्रों का कहना है कि 1 जुलाई को मुख्यमंत्री ने बीजेपी के ऐसे 3-4 विधायकों को सीएम हाउस बुलाकर बात की थी, जिन्हें उस समय मंत्री नहीं बनाया गया था। उनमें अजय विश्नोई भी शामिल थे।
