जबलपुर - श्री वर्णी गुरुकुल मंगलवार को मुनि श्री प्रमाण सागर जी महाराज ने कहा कि शिक्षा के साथ जब संस्कार जुड़ जाते है तब सोन मे सुहागा चरितार्थ होता है और व्यक्तिवविकास का आधार तैयार किया जाता है। अज्ञान के कारण ही मनुष्य के अंदर भय पनपता है भय ऐसा शत्रु है जिसके काऱण हम स्वयं है, नकारात्मक सोच हमारे जीवन की ऐसी बाधा है जिसे हम स्वयं उत्पन्न करते है इसीलिए शंका में न अटक कर समाधान का रास्ता खोजना चाहिए।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
