दुष्कर्मी आरोपी की जमानत याचिका खारिज



 
जबलपुर-फरियादी ने थाना घमापुर में उपस्थित होकर इस आशय की रिपोर्ट लेख करायी कि दिनांक 01/12/2020 को दोपहर करीब 02:00pm बजे की बात है मैंने अपनी दोनों लड़कियों को भाजी लेने के लिए दुकान भेजा था तो छोटी लड़की वापस घर आ गई लेकिन बड़ी लड़की वापस नहीं आयी। आसपास एवं रिश्तेदारों में पता करने पर भी कोई पता नहीं चला। फरियादी को संदेह है कि कोई अज्ञात व्यक्ति उसकी लड़की बहला-फुसलाकर  ले गया है। फरियादी की उक्त रिपोर्ट थाना घमापुर  के  अपराध क्रमांक 1108/2020 धारा 363, 366, 376,376(2)(एन), 344 भादवि एवं 3/4 व 5(L)(5) पॉस्को का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। पुलिस द्वारा पीड़िता को दस्तयाब कर उसके कथन लेख किए गए जिसमें उसने बताया कि मैं आरोपी को पहले से जानती थी आरोपी आटा चक्की दुकान में काम करता था मैं उसके दुकान जाती थी तभी से आरोपी से उसकी जान पहचान हो गई थी और उससे दोस्ती हो गई थी। एक दिन आरोपी उसे बहला-फुसलाकर ले गया। आरोपी उसे उसकी मौसी के घर सिंधी कैंप लेकर गया जहां पर वह एक हफ्ता रुकने के बाद उसकी मौसी ने हम को भगा दिया तब आरोपी मुझे मैहर लेकर गया वहां पर मेरे साथ जबरदस्ती शादी की और 1 महीने तक वहां पर रुके और इस दौरान आरोपी द्वारा कई बार पीड़िता के साथ गलत काम किया गया। अभियुक्त ग्यारसी चौधरी को गिरफ्तार कर विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) श्रीमती ज्योति मिश्रा के समक्ष पेश किया गया। शासन की ओर से प्रभारी उपसंचालक श्री शेख वसीम के निर्देशन में अति. जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री अजय जैन के द्वारा शासन का पक्ष रखते हुये जमानत आवेदन का विरोध करते हुये बताया कि यदि  आरोपी को जमानत का लाभ दिया जाता हैं तो आरोपी साक्ष्य को प्रभावित कर सकता हैं जिससे समाज में न्याय के प्रति विपरीत संदेश पहुॅचेगा। अभियोजन द्वारा दिए गए तर्को से सहमत होते हुए न्यायालय द्वारा आरोपी का जमानत आवेदन निरस्त कर दिया गया ।

                                         

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