जबलपुर -श्री पिसनहारी मढिया जी तीर्थ में पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के द्वितीय दिवस मुनि श्री प्रमाण सागर जी महाराज ने गर्भकल्याणक महोत्सव में मार्मिक उदगार प्रकट करते हुए कहा जीव के सम्पूर्ण विकास के गर्भ संस्कार के साथ ग्रह संस्कार, समाज संस्कार भी जरूरी है। इन संस्कारो के बिना धर्म के संस्कार पल्लवित नही होते।
मुनि श्री ने गहरी पीड़ा के साथ कहा जो लोग गर्भ में ही जीव का अंतिम संस्कार (गर्भपात) कर देते है, वह प्रायश्चित शुद्धि के बिना न पूजन करने के अधिकारी है, गर्भपात अपराध ही नही महापाप है। अतः भ्रूण हत्या कर अपने पेट को श्मशान न बनाए।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
