भोपाल। दिल्ली से मिली फटकार के बाद प्रदेश कांग्रेस में अचानक हलचल तेज हो गई है। लंबे समय तक SIR प्रक्रिया के दौरान जनता के बीच नज़र न आने वाली कांग्रेस अब इस मुद्दे पर आक्रामक रुख अपनाती दिखाई दे रही है। कांग्रेस ने पीड़ितों को सामने लाकर बड़े-बड़े आरोप लगाए हैं और इसे जनता के अधिकारों से जोड़कर पेश करने की कोशिश की जा रही है।
कांग्रेस का आरोप है कि SIR प्रक्रिया में आम जनता के साथ अन्याय हुआ है और सरकार ने उनकी आवाज़ को दबाया। इसी के चलते अब पार्टी सड़कों पर उतरकर पीड़ितों के समर्थन में खड़ी होने का दावा कर रही है।
वहीं कांग्रेस के इन आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी ने भी जोरदार पलटवार किया है। BJP नेताओं ने कांग्रेस की सक्रियता को “सीधा राजनीतिक ड्रामा” बताते हुए कहा कि यदि कांग्रेस को वास्तव में जनता की चिंता होती, तो वह पूरी प्रक्रिया के दौरान ही मैदान में होती। बीजेपी का कहना है कि यह पूरा मामला केवल दिल्ली नेतृत्व को यह दिखाने की कोशिश है कि प्रदेश कांग्रेस अब एक्शन मोड में है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या SIR को लेकर कांग्रेस की यह मुहिम सचमुच जनता के अधिकारों की लड़ाई है, या फिर दिल्ली दरबार में अपनी सक्रियता साबित करने का प्रयास। साथ ही यह भी देखने वाली बात होगी कि कांग्रेस की यह आक्रामकता स्थायी रहेगी या फटकार का असर खत्म होते ही फिर से सियासी पारा ठंडा पड़ जाएगा।