भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन आज इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित जल से हुई दुखद मौतों के मुद्दे पर विपक्ष ने कड़ा रुख अपनाया। विधानसभा परिसर में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस विधायक दल ने सांकेतिक विरोध प्रदर्शन कर घटना को प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताया।
विधायकों ने कहा कि निर्दोष नागरिकों की जान जाना महज एक हादसा नहीं है, बल्कि व्यवस्था की गंभीर विफलता को उजागर करता है। उनका आरोप था कि स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की मूल जिम्मेदारी है, और इसमें हुई चूक के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने मांग उठाई कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा व सहायता प्रदान की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जवाबदेही तय नहीं की गई तो विपक्ष इस मुद्दे को सदन से लेकर सड़क तक उठाता रहेगा।
ज्ञात हो कि इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में हाल ही में दूषित पेयजल की आशंका के बीच कई लोगों की मौत के बाद प्रदेश की राजनीति में यह मामला गरमा गया है और बजट सत्र में भी इसकी गूंज सुनाई दे रही है।