पोहरी | शिवपुरी जिले के पोहरी विकासखंड अंतर्गत छर्च संकुल में राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान के साथ गंभीर खिलवाड़ का सनसनीखेज मामला सामने आया है। 25 जनवरी की रात को ही नियमों को ताक पर रखकर राष्ट्रीय ध्वज फहरा दिया गया, जबकि ध्वजारोहण का निर्धारित दिन 26 जनवरी है।
जैसे ही झंडे की तस्वीरें सोशल मीडिया ग्रुपों में वायरल हुईं, वैसे ही जिम्मेदारों में हड़कंप मच गया। मामले को दबाने के लिए आनन-फानन में झंडा उतार दिया गया और सबूत मिटाने के इरादे से फोटो-वीडियो तक डिलीट कर दिए गए।
यह पूरा घटनाक्रम राष्ट्रीय ध्वज के अपमान की श्रेणी में आता है। मामले पर पोहरी एसडीएम अनुपम शर्मा ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि यह गंभीर मामला है और इसकी उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
वहीं बीईओ पोहरी अवधेश तोमर ने स्वीकार किया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। संबंधितों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया जाएगा और संतोषजनक जवाब न मिलने पर कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि राष्ट्रीय ध्वज जैसे संवेदनशील विषय पर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई? और सबूत मिटाने की कोशिश किसके इशारे पर की गई?
अब देखना होगा कि जांच सिर्फ कागज़ों तक सीमित रहती है या फिर दोषियों पर वास्तविक कार्रवाई भी होती है।