नई दिल्ली। ईरान की राजधानी तेहरान पर शनिवार रात हुए अमेरिका–इजराइल के संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई (86) समेत उनके दामाद, बेटी और नाती की मौत हो गई। हमले में ईरान के रक्षा मंत्री, आईआरजीसी चीफ और सात शीर्ष कमांडर भी मारे गए।
बताया जा रहा है कि 24 घंटे के भीतर करीब 1200 बम गिराए गए। अमेरिका ने इसे ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ नाम दिया है। इजराइल ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिका के तीन सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जिसमें पांच लोग घायल हुए हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हमले में ईरान के पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद के भी मारे जाने की खबर है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इसी बीच पाकिस्तान के कराची में अमेरिकी वायुसेना का एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह कार्रवाई विश्व शांति के लिए जरूरी थी और अमेरिका अपने सहयोगियों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
परिवहन विभाग की हड़ताल के कारण मध्य प्रदेश में 700 से अधिक यात्री वाहन फंस गए हैं। कई जिलों में यातायात प्रभावित रहा।
आईआरजीसी ने कहा है कि अगर अमेरिका और इजराइल ने आगे कोई कार्रवाई की तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा।