कागदीपुरा-जिंदा रहने के लिए भोजन जरूरी है। भोजन से ज्यादा पानी जरूरी है, पानी से ज्यादा वायु जरूरी है, वायु से ज्यादा आयु जरूरी है पर आयु से भी ज्यादा सफल होने के लिए आत्मविश्वास जरूरी है। जो लोग आत्मविश्वास से भरे होते है उनके हर सपने पूरे होते हैं। आज देश का युवा आत्मविश्वास से रिक्त है। वह कामयाब तो होना चाहता है लेकिन काबिल नहीं बनना चाहता। सफलता के पीछे भागने से सफलता प्राप्त नहीं होती है। काबिल बनने से कामयाबी चरणों में आकर नतमस्तक हो जाती है। इतिहास बनाने वाले कोई स्वर्ग से नहीं आए थे उन्होंने भी मां के गर्भ से ही जन्म लिया था और आपने भी। इसलिए हिम्मत नहीं हारते हुए निराशा और हताशा से दूर रहे।
यह बात दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र छोटा महावीरजी कागदीपुरा में रविवार काे आचार्य प्रणामसागरजी ने धर्मसभा में कही। आचार्य श्री ने आगे कहा कि अच्छे फूलाें की खुशबू केवल उसी दिशा में फैलती है जिधर हवा का रुख होता है पर अच्छे इंसान की खुशबू चारों दिशाओं में फैलती है। जिनका व्यवहार शालीन होता है वह शत्रु को भी अपना मित्र बना लेता है। जिनका व्यवहार शालीनता से भरा हुआ नहीं होता उनके मित्र भी एक दिन दुश्मन बन जाते हैं। खाली दिमाग शैतान का घर होता है वहीं खुला दिमाग भगवान का मंदिर होता है।
सफलताओं का श्रेय अपने से बड़ों को दें :
आचार्यश्री ने कहा हमेशा अपनी सफलताओं का श्रेय अपने से बड़ों को दें और असफलता का श्रेय स्वयं लें। ऐसा करने पर आपके अंदर अहंकार पैदा नहीं होगा।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी
