राजनीतिक हलचल: सूबे की राजनीति में एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में गरमाहट महसूस की जा रही है, अभी तक सीट आरक्षण पर सभी की निगाहें टिकी हुई थी लेकिन आरक्षण के बाद अब दावेदारों ने क्षेत्र से लेकर अपने राजनैतिक गुरु और अपने दल के प्रदेश कार्यालय की चौखट पर दस्तक देना शुरू कर दिया है । वहीं दूसरी तरफ क्षेत्र में भी जनसंपर्क तेज कर दिया है, किसी न किसी बहाने जनता के बीच पहुंचकर खुद को प्रबल दावेदार साबित करने की भरकस कोशिश की जा रही है । पोहरी नगर पंचायत में पहली बार नगरीय निकाय चुनाव होना है,इसके लिए कांग्रेस, भाजपा सहित अन्य दलों से अध्यक्ष पद के दावेदारों की फेरिहस्त बहुत लंबी है, कांग्रेस के इतर भारतीय जनता पार्टी अधिक कसमकस की उलझन में है क्योंकि यहाँ न केवल मूल भाजपाई अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं बल्कि नवागत भाजपाई ( सिंधियाई ) भी अपना आवेदन पत्र लेकर भाजपा कार्यालय पहुंच रहे हैं ।
पोहरी नगर पंचायत से हर रोज नए नए दावेदार सामने निकल कर आ रहे हैं, यानी जिस तरह बरसात में मेढक निकलते हैं ठीक उसी प्रकार से चुनावी माहौल में नए नए दावेदार सामने निकल रहे हैं, राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि जिले से बनी कैबिनेट मंत्री के नए नए समर्थक कैबिनेट मंत्री जी के स्वागत सत्कार में इसलिए बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं ताकि मंत्री महोदय की नज़र में कर्मठ कार्यकर्ता बन सकें, लेकिन मंत्री महोदया कितना इन समर्थकों का नाम पार्टी आलाकमान के सामने रखेंगी ये तो आने वाला समय ही बताएगा लेकिन फिलहाल तो पोहरी में दावेदार बरसाती मेढ़क बन रहे हैं ।
