कूनो नेशनल पार्क में चीता प्रोजेक्ट की तैयारी तेज, बोत्सवाना से 28 फरवरी को आएंगे 8 चीते

भोपाल। श्योपुर जिले स्थित कूनो नेशनल पार्क में बहुप्रतीक्षित चीता प्रोजेक्ट को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। परियोजना के तहत दक्षिण अफ्रीका क्षेत्र के देश बोत्सवाना से लगभग आठ चीतों को आगामी 28 फरवरी को भारत लाया जाना प्रस्तावित है। इस ऐतिहासिक वन्यजीव संरक्षण प्रयास के मद्देनजर पार्क प्रशासन और जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं को लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।

इसी क्रम में चीतों के सुरक्षित आगमन के लिए बनाए गए हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर लैंडिंग की ट्रायल प्रक्रिया संपन्न कराई गई। ट्रायल के दौरान तकनीकी एवं सुरक्षा मानकों की जांच की गई ताकि चीतों को लाने के दौरान किसी प्रकार की असुविधा या जोखिम की स्थिति उत्पन्न न हो। अधिकारियों ने बताया कि यह अभ्यास चीतों के वास्तविक आगमन से पहले की एक महत्वपूर्ण तैयारी का हिस्सा है।

अपर कलेक्टर रूपेश उपाध्याय ने जानकारी देते हुए बताया कि चीतों को पहले कार्गो विमान के माध्यम से ग्वालियर लाया जाएगा। इसके बाद वहां से भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों द्वारा उन्हें सीधे कूनो नेशनल पार्क पहुंचाया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से संचालित किया जाएगा ताकि चीतों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर विशेष ध्यान रखा जा सके।

उन्होंने बताया कि पार्क क्षेत्र में कुल पांच हेलीपैड तैयार किए गए हैं, जिनका उपयोग हेलीकॉप्टर लैंडिंग के लिए किया जाएगा। सभी हेलीपैडों पर आवश्यक तकनीकी व्यवस्थाएं, सुरक्षा मानक और निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इसके अलावा प्रशासनिक अधिकारियों और संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की योजना भी बनाई गई है।

उल्लेखनीय है कि 14 फरवरी को अधिकारियों द्वारा हेलीपैड स्थलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया था, जिसके बाद आवश्यक सुधार और तैयारियां पूरी की गईं। अब ट्रायल सफल रहने के बाद परियोजना के अगले चरण की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

चीता प्रोजेक्ट को देश में विलुप्त हो चुके इस तेज रफ्तार वन्यजीव के पुनर्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कूनो नेशनल पार्क को इसके लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है, जहां चीतों के अनुकूल आवास, सुरक्षा और निगरानी की व्यवस्थाएं विकसित की गई हैं। चीतों के आगमन से क्षेत्र में वन्यजीव पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की संभावना जताई जा रही है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि हो सकती है।

प्रशासन ने विश्वास जताया है कि निर्धारित तिथि पर चीतों का आगमन सफलतापूर्वक संपन्न होगा और यह परियोजना वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी।

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