विदिशा। विदिशा पुलिस ने संवेदनशीलता और तत्परता दिखाते हुए महाराष्ट्र में फंसी पांच आदिवासी महिला मजदूरों और उनके साथ गए चार नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू कर उनके घर वापस पहुंचाया है। इस कार्रवाई के बाद परिजनों ने पुलिस का आभार व्यक्त किया।
जानकारी के अनुसार गुलाबगंज थाना क्षेत्र के ग्राम सुआखेड़ी और करारिया थाना क्षेत्र के ग्राम रुसल्ली की रहने वाली पांच महिला मजदूरों को रोजगार का झांसा देकर महाराष्ट्र के बीड और सोलापुर ले जाया गया था। वहां उनसे जबरन काम कराया जा रहा था और मजदूरी भी नहीं दी जा रही थी।
मामले की सूचना मिलते ही विदिशा पुलिस ने महाराष्ट्र पुलिस से समन्वय स्थापित कर कार्रवाई शुरू की। सोलापुर और बीड पुलिस के सहयोग से सभी महिला मजदूरों और बच्चों को सुरक्षित मुक्त कराकर उनके घर पहुंचाया गया।
पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने बताया कि शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि करारिया और गुलाबगंज क्षेत्र के लोगों को मजदूरी के लिए बाहर ले जाया गया था, जहां उन्हें उचित मजदूरी नहीं दी जा रही थी और परेशान किया जा रहा था। सोलापुर और बीड पुलिस से संपर्क कर सभी को सकुशल वापस लाया गया है तथा मामले में आगे की कार्रवाई बीड पुलिस द्वारा की जा रही है।
महिला मजदूरों की सुरक्षित वापसी के बाद परिजनों ने राहत की सांस लेते हुए विदिशा पुलिस का धन्यवाद जताया है।