शिवपुरी। कोलारस थाना क्षेत्र में वर्ष 2023 में पकड़े गए 1209 किलोग्राम डोडा चूरा के बहुचर्चित मामले में लापरवाही उजागर होने के बाद पुलिस विभाग में बड़ी कार्रवाई की गई है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ ने एक निरीक्षक सहित पांच पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया है। साथ ही सभी के विरुद्ध विभागीय जांच प्रारंभ कर दी गई है।
क्या था मामला
5 जून 2023 को कोलारस थाना पुलिस ने हाईवे स्थित एक होटल के पास से एक ट्रक पकड़ा था। ट्रक में ऊपर से दाल की बोरियां लदी थीं, लेकिन जांच के दौरान उनके बीच छिपाकर रखी गई 62 बोरियों से कुल 1209 किलोग्राम डोडा चूरा बरामद किया गया। इस मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15 के तहत अपराध क्रमांक 173/2023 दर्ज किया गया था।
विवेचना में लापरवाही सामने आई
जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि जब्त सैंपलों के 12 बैग गायब हो गए। इस गंभीर लापरवाही पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताते हुए संबंधित थाना प्रभारियों और विवेचकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए।
हाईकोर्ट निर्देश के बाद कार्रवाई
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जिन अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है, उन्हें जांच पूरी होने तक थानों पर पदस्थ न किया जाए। इसके बाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने 5 जून 2023 से 30 नवंबर 2023 के बीच पदस्थ अधिकारियों की सूची तैयार कर जिम्मेदारी तय की।
इन अधिकारियों को किया गया लाइन अटैच
निरीक्षक जितेन्द्र सिंह मावई (तत्कालीन थाना प्रभारी कोलारस)
उप निरीक्षक राघवेन्द्र सिंह यादव
उप निरीक्षक हरीशंकर शर्मा
उप निरीक्षक अंकित उपाध्याय
निरीक्षक मनीष शर्मा
वहीं उप निरीक्षक एस.एस. जादौन और चंद्रभान सिंह भदौरिया सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
7 दिन में रिपोर्ट के निर्देश
एसपी ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को प्राथमिक जांच कर 7 दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय होगी। इधर पुलिस लाइन में पदस्थ निरीक्षक विकास यादव को देहात थाना प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।