शिवपुरी। सतनवाड़ा क्षेत्र में एसबीआई के एक कियोस्क सेंटर से जुड़ा लाखों रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि कियोस्क संचालक ने अपनी पत्नी, बेटे व कम्प्यूटर ऑपरेटर के साथ मिलकर दर्जनों ग्राहकों को अधिक ब्याज का लालच देकर खाते खुलवाए और फर्जी एंट्री कर उनकी जमा राशि हड़प ली।
पीड़ितों ने मामले की शिकायत थाना स्तर से लेकर एसपी और कलेक्टर तक की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर पोहरी विधायक कैलाश कुशवाह से गुहार लगाई। विधायक पीड़ितों के साथ थाने पहुंचे, जिसके बाद पुलिस ने चारों आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
मोटी ब्याज दर का लालच देकर खुलवाए खाते
शिकायतकर्ता मुकेश कुशवाह (35) निवासी नरवर रोड सतनवाड़ा ने बताया कि सतनवाड़ा कलां निवासी प्रमोद कुमार सक्सेना के एसबीआई कियोस्क में उसकी पत्नी साधना सक्सेना, बेटा रीतेश सक्सेना तथा ऑपरेटर अजय खटीक द्वारा गांव के लोगों को खाता खोलने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें भरोसा दिलाया गया कि अधिक ब्याज मिलेगा, शिवपुरी जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिलेगा। लालच में आकर ग्रामीणों ने खाते खुलवा लिए।
फर्जी एंट्री कर खातों से निकाले रुपये
मुकेश के अनुसार उसके परिवार के खातों में जमा रकम पासबुक में दर्ज तो दिखाई गई, लेकिन बैंक रिकॉर्ड में मौजूद नहीं पाई गई। पिता के खाते में जमा लाखों रुपये और किसान सम्मान निधि की राशि गायब मिली। मां के नाम से की गई एफडी भी फर्जी निकली, जबकि पत्नी के खाते से कथित तौर पर अंगूठा लगवाकर 32 हजार रुपये निकाल लिए गए।
23 दिसम्बर 2025 को एसबीआई शाखा शिवपुरी में जांच कराने पर पूरे मामले का खुलासा हुआ कि पासबुक में की गई कई प्रविष्टियां फर्जी थीं और एफडी का कोई रिकॉर्ड बैंक में मौजूद नहीं था।
अन्य ग्रामीण भी बने शिकार
इसी तरह रजनी, रम्मो, साबो, जयकुमारी, शंकर, शांति, कमलाबाई, सविता सहित कई अन्य ग्रामीणों ने भी धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। आरोप है कि खातों में जमा कराने के नाम पर रकम ली गई लेकिन बैंक में जमा नहीं कराई गई और पासबुक में मनमाने तरीके से एंट्री कर दी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपों की सत्यता की पड़ताल की जा रही है।