शिवपुरी। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं पद्मभूषण स्वर्गीय कर्नल गुरबख्श सिंह ढिल्लन की 20वीं पुण्यतिथि ग्राम हातोद में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर पूर्व विधायक प्रहलाद भारती, सीआरपीएफ के आईजी गुरशक्ति सिंह, आईटीबीपी के डीआईजी रोशन लाल ठाकुर, कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी सहित अन्य अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों ने उनके समाधि स्थल पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
हर वर्ष की तरह इस बार भी समाधि स्थल पर मेला लगा, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने अमर सेनानी को नमन किया और उनकी शहादत को याद किया। कार्यक्रम के दौरान निकाली गई मशाल यात्रा समाधि स्थल पर पहुंचकर संपन्न हुई। पूर्व विधायक प्रहलाद भारती ने कहा कि कर्नल ढिल्लन का जीवन सभी के लिए प्रेरणास्रोत है और उनसे राष्ट्रसेवा की भावना सीखने को मिलती है।
कर्नल ढिल्लन की पुत्री अमृता मेहरोत्रा ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने जीवन में अनेक संघर्षों का सामना किया, लेकिन हर परिस्थिति में मुस्कुराते हुए आगे बढ़ते रहे। उनके पुत्र सर्वजीत ढिल्लन ने भी अपने विचार रखते हुए उनकी शहादत और आदर्शों को याद किया। कार्यक्रम में सर्वधर्म सभा का आयोजन भी हुआ, जिसमें हिन्दू, मुस्लिम, सिख और ईसाई धर्मगुरुओं ने शांति, सद्भाव, एकता और भाईचारे का संदेश दिया। बच्चों ने राष्ट्रभक्ति गीतों की प्रस्तुति देकर माहौल को देशभक्ति से सराबोर कर दिया।
ब्रिटिश सेना के खिलाफ संभाला था मोर्चा
कर्नल गुरबख्श सिंह ढिल्लन को नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने नेहरू ब्रिगेड की कमान सौंपी थी और उन्होंने ब्रिटिश सेना के खिलाफ मोर्चा संभाला। देश की आजादी के 50 वर्ष पूर्ण होने पर भारत सरकार ने उनके सम्मान में डाक टिकट जारी किया तथा उन्हें पद्मभूषण से अलंकृत किया गया। स्वतंत्रता के बाद उन्होंने शिवपुरी को अपना निवास बनाया और हातोद में रहकर युवाओं को सेना में जाने के लिए प्रेरित करने वाली कविताएं व पुस्तकें लिखीं। 6 फरवरी 2006 को उन्होंने अंतिम सांस ली।