शिवपुरी। फिजिकल थाना क्षेत्र में हुए एक विवाद के बाद सामने आया घटनाक्रम पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। पूछताछ के लिए थाने बुलाए गए युवक ने कथित तौर पर थाने के अंदर ही खुद को ब्लेड से लहूलुहान कर लिया, लेकिन हैरानी की बात यह है कि थाना प्रभारी ने पूरे मामले से अनभिज्ञता जताते हुए घटना से ही इंकार कर दिया। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि कुछ हुआ ही नहीं, तो घायल युवक अस्पताल कैसे पहुंचा।
जानकारी के मुताबिक शनिवार को कमलागंज घोसीपुरा निवासी शफीक खान का अपने पड़ोसी रवि राज प्रजापति से विवाद हो गया था। विवाद के बाद शफीक खान के हथियार लेकर क्षेत्र में घूमने और दहशत फैलाने की शिकायत थाने में दर्ज कराई गई। पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए बुलाया, लेकिन वह नहीं पहुंचा। इसके बाद सोमवार को उसकी पत्नी छोटी खान को थाने बुलवाया गया।
बताया जा रहा है कि पत्नी के फोन करने के बाद शफीक थाने पहुंचा, जहां किसी बात को लेकर तनाव बढ़ा और उसने अपने गले व पेट पर ब्लेड मारकर खुद को घायल कर लिया। युवक के खून से लथपथ होते ही थाने में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस उसे आनन-फानन में जिला अस्पताल लेकर पहुंची। प्राथमिक उपचार के बाद उसे वापस ले आए जाने की चर्चा है।
मामले की पड़ताल में सबसे चौंकाने वाली बात तब सामने आई जब फिजिकल थाना प्रभारी नम्रता भदौरिया से संपर्क किया गया। उन्होंने पूरे घटनाक्रम से अनभिज्ञता जताते हुए ऐसी किसी घटना से इंकार कर दिया। इससे पुलिस की कार्यशैली और पारदर्शिता पर सवालिया निशान लग गए हैं।
अब यह मामला सिर्फ झगड़े तक सीमित नहीं रहा, बल्कि थाने के भीतर हुई कथित घटना और उसके बाद की स्थिति ने कई गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं, क्या सच्चाई दबाई जा रही है, या फिर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश हो रही है, इसका जवाब फिलहाल अधर में है।