नैनागिरि-बुंदेलखंड की पर्वतमाला में स्थित भगवान पाश्र्वनाथ की समवशरण स्थली, वरदत्तादि पंच ऋषिराजों की मोक्ष स्थली श्री दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र रेशंदीगिरि नैनागिरी तहसील बकस्वाहा जिला छतरपुर मप्र में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी पंच दिवसीय वार्षिक जलविहार मेला एवं नूतन वर्षाभिनंदन महोत्सव संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की परम शिष्या आर्यिका श्री 105 प्रशांतमति माताजी ससंघ के सानिध्य में भगवान पारसनाथ का महामस्तकाभिषेक, रथयात्रा, भजन संध्या एवं विविध कार्यक्रमों के साथ नव वर्ष की एक जनवरी को समारोह पूर्वक सम्पन्न हुआ।
जैन तीर्थ नैनागिरि की ट्रस्ट कमेटी के उप मंत्री राजेश रागी ने बताया कि इस पंच दिवसीय कार्यक्रम में प्रतिदिन प्रातः पूजन विधान तथा भगवान पारसनाथ का महामस्तकाभिषेक, सायं महाआरती, शास्त्र प्रवचन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों मे श्रद्धालुओं ने बढ़चढ़कर भाग लिया। इस महोत्सव मे ब्र. विनय भैया सुनवाहा भोपाल, पं.अशोक सिंघई, पं.शिखरचंद्र बम्हौरी सहित अनेक विद्वानों का मार्गदर्शन रहा ।
इस दौरान दो पुस्तकों का विमोचन किया गया। जिसमें एक ग्रंथ पुस्तक पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की परम शिष्या पूज्य आर्यिकारत्न श्री प्रशांतमति माताजी द्वारा कृत श्रावक अपना पथ पहचान तथा दूसरी पुस्तक इंजी. अजीत कुमार जैन सुनवाहा वाले भोपाल द्वारा संपादित हमारी धरोहर- पंचम नगर का विमोचन सिद्धक्षेत्र की ट्रस्ट कमेटी के उप मंत्री व भारतीय जैन संघठन के संभागीय अध्यक्ष व जैन पत्रकार महासंघ द्वारा किया गया।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़ीया
