दमोह-नया वर्ष पिछले वर्ष की भूलों को सुधारने के लिए आता है: आचार्य श्री निर्भय सागर जी महाराज ने नए वर्ष का महत्व बताते हुए कहा नया वर्ष पिछले वर्ष की भूलों को सुधारने के लिए आता है। अधूरे कार्य को पूरा करने के लिए आता है। गत वर्ष में हुई गलतियों से शिक्षा लेकर गलतियों को सुधारने के लिए आता है। जिन्होंने सफलता प्राप्त की है उनसे प्रेरणा पाकर अपने असफल कार्यों को सफल करने के लिए आता है। खुद को एक मिसाल बनने के लिए के लिए आता है। नए वर्ष पर हमें मंथन करना चाहिए कि अपने जीवन को, देश को, परिवार को एवं आत्मा को विकास के मार्ग पर ले जाने के लिए कितना आत्म विश्वास, उत्साह, उमंग जागृत किया। ऐसा चिंतन मनन इंसान को सर्वोच्च ऊंचाई तक ले जाता है। जनवरी माह स्वयं कहता है कि प्रत्येक आत्मा स्वतंत्र है क्योंकि जन का अर्थ है आत्मा और वरी का अर्थ है स्वतंत्र। जैन धर्म में प्रत्येक आत्मा को स्वतंत्र मानना है एवं समान गुण धर्म वाला मानना है। ऐसा मानना ही लोकतांत्रिक सिद्धांत है। वही दमोह एसपी हेमंत चौहान ने भी आचार्य श्री के दर्शन किए एवं आशीर्वाद प्राप्त किया। इस मौके पर समिति के पदाधिकारी समाज में उनका सम्मान किया।
संकलन अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमंडी
