छतरपुर। बागेश्वर धाम में आयोजित सामूहिक कन्या विवाह कार्यक्रम को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने समाज के लिए प्रेरणादायी पहल बताते हुए इसकी सराहना की। महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय सप्तम सामूहिक कन्या विवाह महोत्सव में शामिल होकर उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हल्दी रस्म कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह हेतु सामूहिक आयोजन समाज को सकारात्मक संदेश देते हैं और अनावश्यक खर्च पर रोक लगाते हैं। उन्होंने बताया कि अबूझ मुहूर्तों—बसंत पंचमी, अक्षय तृतीया और देवउठनी एकादशी—पर आयोजित होने वाले सामूहिक विवाह में प्रत्येक कन्या को 51-51 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने आगामी महाशिवरात्रि तक 3 हजार कन्याओं के विवाह कराने की आशा व्यक्त की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीठाधीश्वर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री सनातन संस्कृति के माध्यम से समाज को जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने देश के धार्मिक स्थलों की चर्चा करते हुए सोमनाथ मंदिर के पुनरुत्थान और अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने नवदंपत्तियों के रोजगार और कल्याण के लिए सहयोग का आश्वासन भी दिया। तीन दिवसीय आयोजन के अंतर्गत 300 कन्याओं के विवाह संपन्न कराए जा रहे हैं, जिनमें अनाथ, दिव्यांग तथा अत्यंत गरीब परिवारों की बेटियाँ भी शामिल हैं। वैदिक विधि-विधान से मंडप पूजन एवं अन्य रस्में संपन्न कराई गईं।
इस अवसर पर सांसद विष्णुदत्त शर्मा, राज्यमंत्री लखन पटेल, राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार सहित जनप्रतिनिधि, संतगण एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में स्वागत भाषण स्थानीय विधायक ने दिया और आयोजन से जुड़ी सेवाओं की जानकारी साझा की गई। मुख्यमंत्री का स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया तथा लघु फिल्म प्रदर्शन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।