शिवपुरी। खनियाधाना में जैन तीर्थ गोला कोट में गत माह संपन्न हुए पंचकल्याणक के बाद अब नगर स्थित श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में पंचकल्याणक महोत्सव का भव्य आयोजन प्रारंभ हो गया है। मुनि सुधासागर जी महाराज के सानिध्य में 11 फरवरी से इस आध्यात्मिक महापर्व का शंखनाद होते ही पूरा नगर भक्ति और उत्साह के रंग में रंग गया। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं ने ‘अयोध्या नगरी’ बसाकर धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम शुरू किया है।
केसरिया रंग में रंगा नगर, हाथी-घोड़ों संग निकली भव्य शोभायात्रा
महोत्सव की शुरुआत सुबह 8:30 बजे बड़ा जैन मंदिर से निकली भव्य शोभायात्रा के साथ हुई। शोभायात्रा में सबसे आगे दो हाथियों पर भगवान के माता-पिता एवं यज्ञ नायक परिवार विराजमान थे। पीछे सजी बग्गियों में अष्ट कुमारियां और केसरिया साड़ियों में मंगल कलश धारण किए सैकड़ों महिलाएं मंगलगीत गाते हुए शामिल हुईं।
श्वेत वस्त्रों में धर्मध्वजा लिए पुरुष वर्ग तथा जैन नवयुवक सभा के युवाओं ने बैंड-बाजे व डीजे की धुन पर उत्साहपूर्ण प्रस्तुति दी। मुनिसंघ के पीछे रथ पर विराजमान श्रीजी के दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह 10 बजे शोभायात्रा हाई स्कूल प्रांगण में स्थापित ‘अयोध्या नगरी’ पहुंची, जहां प्रतिष्ठाचार्य बाल ब्रह्मचारी प्रदीप भैया सुयश के निर्देशन में मंत्रोच्चार के बीच मांगलिक क्रियाएं संपन्न हुईं।
इस अवसर पर महोत्सव समिति अध्यक्ष एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जितेन्द्र जैन ‘गोटू’ तथा उनके परिवार द्वारा ध्वजारोहण किया गया। जयकारों से पूरा पांडाल गूंज उठा।
पंचकल्याणक आत्मा से परमात्मा बनने की प्रक्रिया: मुनि सुधासागर
ध्वजारोहण के पश्चात आयोजित धर्मसभा में हजारों श्रद्धालुओं ने मुनि सुधासागर महाराज के प्रवचन सुने। मुनिश्री ने कहा कि पंचकल्याणक केवल उत्सव नहीं, बल्कि आत्मा से परमात्मा बनने की साधना की प्रक्रिया है।
महोत्सव समिति अध्यक्ष वीरेंद्र जैन मोदी, मीडिया प्रभारी संजीव जैन चौधरी व सहसंयोजक प्रवीण जैन ने बताया कि महोत्सव की सभी मांगलिक क्रियाएं जारी हैं। रात्रि में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन एवं समिति द्वारा सुरक्षा और आवास की समुचित व्यवस्था की गई है।